Tuesday, March 17, 2009

समय धराये तीन नाम, परशु, परसुआ और परशुराम

समय धराये तीन नाम,
परशु, परसुआ और परशुराम


अर्थात अच्छे बुरे समय के अनुसार, समाज का दृष्टिकोण एक ही व्यक्ति के लिए बदलता रहता हैं। इसके लिए ऋषि परशुराम का उदाहरण का प्रयोग किया गया हैं। जहाँ बचपन में प्रेम में बालक को परशु नाम से जाना जाता हैं वहीं वक्त बदलने के साथ दारिद्र के कारण उन्हें परसुआ नाम से बुलाया गया। कालांतर में जब उन्होंने विश्व विजय का अभियान शुरू किया तो लोग उन्हें आदर से परशुराम के नाम से बुलाने लगे।

4 विचार आए:

प्रेमलता पांडे said...

रईसी तेरे तीन नाम- परसी,परसा,परसराम( रईसी के साथ बढ़ते गए) कंगाली तेरे तीन नाम नंगा,लुच्चा, बेईमान,( सारी बुराइयाँ ग़रीब में ही होती हैं रईसों की बुराइयाँ भी अच्छाई और शौक होते हैं) ऐसा बचपन में गाँव में सुन था।

Abhishek said...

Vastav mein samay ke sath bahut kuch badalta jata hai.

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

samay bada balwaan hae

सतीश चंद्र सत्यार्थी said...

वाह, प्रेमलता जी की कहावत अच्छी लगी.

 

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