Saturday, March 14, 2009

चोरन गारीं दें

चीज न राखैं आपनी,
चोरन गारी दैं।
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भावार्थ -
इसका अर्थ सीधा सा है कि कुछ लोग हैं जो अपने सामान की रक्षा तो करते नहीं हैं बाद में चोरी हो जाने पर चोरों को गाली देते फिरते हैं। कहने का तात्पर्य है कि हमेशा स्वयं ही अपने सामान या फिर अपने अधिकारों के लिए सचेत रहना चाहिए।

3 विचार आए:

mehek said...

sahi baat,achhi lagi kahawat.

अनिल कान्त : said...

achchha laga

सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi said...

ऐसा कुछ हिन्‍दी में भी कहते हैं जैसे नजर चूकी और माल यारों का। या ऐसा कुछ... पक्‍का पता नहीं :)

 

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