Thursday, March 5, 2009

मन मन भावै, मुड़ी हलावै

मन मन भावै,
मुड़ी हलावै।

मुडी - सिर

भावार्थ -

इसका अर्थ है कि मन ही मन में तो किसी बात के प्रति हाँ रहती है पर बाहर से उसे मना करने का दिखावा किया जाता है।

3 विचार आए:

सतीश चंद्र सत्यार्थी said...

ये कहावतें अपनी मिट्टी की सोंधी खुशबू की याद दिलाती हैं

राज भाटिय़ा said...

हमारी कहावतो मै बहुत से अर्थ छुपे होते है, ओर बात को सरल तरीके से समझा देते हे, इन कहावतो के जरिये,
धन्यवाद

अनिल कान्त : said...

मेरा दोस्त अक्सर ये कहावत बोलता रहता है

 

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