Thursday, March 12, 2009

नंगा और नहाना

एक कहावत : नंगा नहायेगा क्या और निचोडेगा क्या ?
यानि जो व्यक्ति नंगा हो वो अगर नहाने बैठेगा तो क्या कपड़ा उतारेगा और क्या कपड़ा धोएगा और क्या कपड़ा निचोडेगा। मतलब " मरे हुए आदमी को मार कर कुछ नही मिलता" ।
होली की शुभ कामनाये सभी को।
माधवी

6 विचार आए:

आशीष कुमार 'अंशु' said...

आपका यह कारवां यूं ही चलता रहे और हमें कहावतों का अर्थ समझ आता रहे ....

सतीश चंद्र सत्यार्थी said...

माधवी जी, बुरा मत मानियेगा पर इतनी छोटी पोस्ट में भी अगर वर्तनी की इतनी गलतियां हों तो कहावत पढने का मजा ही ख़त्म हो जाता है. सिर्फ फोर्मलिटी पूरी न करें मन से लिखें
मेरी शुभकामनाएं

समयचक्र - महेन्द्र मिश्र said...

होली की हार्दिक शुभकामनायें

राज भाटिय़ा said...

माधबी जी इस कहाबत का अर्थ है कि एक आदमी जो बाते तो बहुत बडी बडी करता है, लेकिन उस के पास उतना है नही, यानि जो ओकात से बड कर बाते करे

imnindian said...

satish ji meri katai ichcha formality puri karne ki nahi hai,actually kal mai jis computer par kaam kar rahi thi usme hindi font nahi hai, is liye google se translated hindi clear nahi hoti , just vague picture banti hai.maine yatha sambhaw sahi kar diya hia.
ab aapki shikayat shayad door ho jaye.
raj ji is kahawat ka arth aukat se jaroor hai par badbolepan se nahi ,aadmi ki limitation se hai. jaise " are wo kya virodh kare ga , uski aukat hi kya hi, uski halat to nanga nahaye ga kaya aur nichodega kaya si hai."

I Love India said...

Raj ji sorry, main Madhvi ke arth se sahmat hun. Asal me iska arth hota hai ki jiske paas khud ke liye kuchh nahi hai, us se kya vasool karoge? Ya vah doosro ko kya dega.

 

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