बालू की भीत।
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ओछे - गिरा हुआ
भीत - दीवार
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भावार्थ - इसका अर्थ इस रूप में लगाया जा सकता है कि जैसे बालू की दीवार मजबूत नहीं होती, कभी भी गिर सकती है उसी तरह किसी भी रूप से गिरे हुए व्यक्ति की दोस्ती भी अधिक दिनों तक नहीं चलती है।
व्यक्ति चरित्र, जुबान, विश्वास आदि किसी से भी गिरा हुआ हो सकता है।
व्यक्ति चरित्र, जुबान, विश्वास आदि किसी से भी गिरा हुआ हो सकता है।