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Showing posts from October, 2008

खसम को रोटी तुम पै देओ

बातें-चीतें हमसे लेओ, खसम को रोटी तुम पै देओ। =============================== खसम = पति पै = बनाना बातें-चीतें = बातचीत, गपशप =================================== बुंदेलखंड में ये कहावत ऐसे लोगों के लिए प्रयुक्त होती है जो काम की अपेक्षा बातों में अपना अधिक समय लगाते हैं.

स्वर्गीया भारती सराफ: जन्म दिवस १४ अक्टूबर पर श्रद्धांजलियां

" भारती सराफ " उभरती नृत्य साधिका " जो शरदोत्सव की शुरुआत करतीं थी : इस बार उनके बिना होगी शुरुआत"
वे कम उम्र में जबलपुर की सर्वाधिक " कोरीओग्राफ़र '" थीं ........

रोई रो फूल

रूप रूड़ो गुण बाइड़ो
रूईड़े रो फूल

रूड़ो : सुन्दर
बाइड़ो: कड़वा या असुंदर
रूइड़ो : जंगल

जंगल में खिलने वाला फूल सुंदर तो होता है लेकिन उसमें खुशबू या अन्य कोई गुण नहीं होता।

इसके लिए उदाहरण ले सकते हैं कि बिना पढ़ा लिखा सुंदर आदमी, बिना एटीट्यूड की खूबसूरत महिला, यानि सहयोगी गुण के बिना किसी एक गुण का विकसित होना। ऐसे नितांत गुण का कोई उपयोग नहीं होता।

(यह कहावत मेरी नानी ने मुझे बताई है।)