Friday, January 2, 2009

चलनियऊ बोले, जामें बहत्तर छेद

सूप तो सूप,
चलनियऊ बोले,
जामें बहत्तर छेद।
इसका तात्पर्य ऐसे लोगों से है जो ख़ुद में कुछ भी नहीं होते पर दूसरों के सामने ख़ुद को साबित करने में लगे रहते हैं। इसका एक अर्थ ये भी है किअपने दोषों को देखे बिना दूसरों के दोष बताने की कोशिश करते रहते हैं।

2 विचार आए:

विवेक सिंह said...

मतलब जिसमें खुद ही छेद हों वह दूसरों का छिद्रान्वेषण न करे !

rewa said...

Aaha....mast hai...iska link to pakka dalungi apne blog per:-)

 

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