Friday, February 13, 2009

ज्ञान दर्पण से मिली कहावतें

आज ज्ञान दर्पण ब्‍लॉग में कुछ अच्‍छी कहावतें देखीं। आप भी उनका रसास्‍वादन कर सकते हैं। यह ब्‍लॉग रतन सिंह शेखावत लिखते हैं और अपने आप में बहुत खूबसूरत ब्‍लॉग है। 
कुछ राजस्‍थानी कहावतें पोस्‍ट में उन्‍होंने 
घोड़ा रो रोवणौ नीं,घोड़ा री चाल रौ रोवणौ है
म्है ही खेल्या अर म्है ई ढाया 
3  आज री थेप्योड़ी आज नीं बळे

कहावतें शामिल की हैं। तीनों कहावतें बेहद खूबसूरत हैं और ज्ञानवर्द्धक भी। 

2 विचार आए:

Ratan Singh Shekhawat said...

धन्यवाद सिद्धार्थ जी !

Abhishek said...

इनका अर्थ भी दे देते तो अच्छा था. शेखावत जी को शुभकामनाएं.

 

मेरे अंचल की कहावतें © 2010

Blogger Templates by Splashy Templates