Wednesday, February 4, 2009

एक कहावत

निकले हरिभजन को , ओटन लागल कपास
मतलब निकले तो थे हरि यानि की भगवन का नाम स्मरण करने के लिए पर रस्ते में निकलने के बाद कपास यानि की रुई धुनने लगे। इसका दूसरा मतलब यह भी होता है कीआप निकले तो घर से थे कुछ काम करने के लिए पर करने कुछ और लग गए। ये विद्यार्थी , युवा, पत्रकार, नेता हम सभी पर लागू होता है.

3 विचार आए:

MANVINDER BHIMBER said...

bahut achchi baat kah di hai aapne ...kabhi kabhi esaa bhi hota hai

dheeraj said...

बिहारी कहावते घरेलू जरूर नजर आती है लेकिन उसमे गूढ़ अथॆ छिपे रहते है । आपने सच लिखा है । शुक्रिया

Abhishek said...

हमारी ब्लोगिंग पर भी लागु होती है यह कहावत.

 

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