Monday, April 20, 2009

कहावतों के इक्‍कीस प्रेमी

इस ब्‍लॉग में अब तक बीस ब्‍लॉगर लेखक के रूप में जुड़ चुके हैं। इनमें से कुछ इतने सक्रिय हैं कि 
वे नित नई कहावतों से दूसरों को भी सक्रिय कर देते हैं।
इस ब्‍लॉग के लेखक 
इनमें से अधिकांश लेखकों ने किसी ने किसी समय पर तूफानी पारियां खेली 
और अब भी कई बार चौके छक्‍के मारकर निकल जाते हैं। 
इससे आंचलिक कहावतों का एक ऐसा संदर्भ कोष तैयार हो रहा है 
जो आने वाली पीढ़ी के काम आ सकता है। 
इसके पीछे एक और अभिलाषा है कि आंचलिक कहावतों में से समानार्थक कहावतों को लेकर 
उनका विश्‍लेषण भी किया जाए। 
हालांकि कुछ कहावतें ऐसी आ चुकी हैं 
लेकिन अभी और बहुत सी कहावतों का इंतजार यह ब्‍लॉग कर रहा है। 
उम्‍मीद करता हूं कि भविष्‍य में और भी गुणीजन इस ब्‍लॉग से जुड़ेंगे 
और इस संदर्भ कोष को समृद्ध करने में सहायता करेंगे। 

11 विचार आए:

सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi said...

बीस लेखक और एक आप जो इसे पढ़ रहे हैं। हो गए ना इक्‍कीस। :)

संगीता पुरी said...

अच्‍छा !! इसमें इतने लोग लिखते हैं !!

सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi said...

@ संगीता जी

नमस्‍कार,
आपका योगदान भी मिले तो यह ब्‍लॉग और समृद्ध होगा।

Udan Tashtari said...

बहुत साधुवाद इस उम्दा कार्य और प्रयास के लिए.

Anil said...

कहावतों के जरिये अपने अतीत से मुलाकात करवाने, और देश के एकीकरण में योगदान देने के लिये सहस्र धन्यवाद!

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

आपका ये प्रयास सचमुच प्रशंसनीय है...आभार

रंजना [रंजू भाटिया] said...

बहुत अच्छा प्रयास है यह ..आने वाले भविष्य में बहुउपयोगी होगा यह ब्लॉग ..सभी लिखने वालों का शुक्रिया

imnindian said...

mujeh bhi bahut anand aaya isme hissa lekar. aisalaga jiase bachpan me school me kisi pratiyogita me hissa le rahe ho....
sabhi sahyogiyo aur pathako ka tahe dil se dhanyawad.
Madhavi

Abhishek Mishra said...

आंचलिक कहावतों के संकलन में सहभागी बनने की चाह ने ही मुझे इस ब्लॉग से जोड़ा. आपके प्रयास के प्रति शुभकामनाएं.

सतीश चंद्र सत्यार्थी said...

सिद्धार्थ जी मेरा नाम तो इस लिस्ट से गायब ही कर दिया आपने :)

सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi said...

सतीश जी
आप सही कह रहे हैं। मुझसे चूक हो गई। मैं माफी चाहता हूं।

आपका नाम इस लिस्‍ट में जोड़कर फिर से प्रकाशित करूंगा।

एक बार फिर माफी चाहता हूं। मेरा कोई ऐसा इरादा नहीं था।

 

मेरे अंचल की कहावतें © 2010

Blogger Templates by Splashy Templates