Friday, April 10, 2009

सासु का ओढ़ना, पतोहू का नक्पोछना

सासु का ओढ़ना, पतोहू का नक्पोछना

अर्थात् एक पीढी की धरोहर दूसरी के लिए मूल्यहीन और अर्थहीन हो जाती हैं।

2 विचार आए:

सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi said...

बहुत सुंदर।

विज्ञान में एक बात कही जाती है कि एक सदी की खोज दूसरी सदी का सामान्‍य ज्ञान होती है। यह भी कुछ ऐसा ही लगा।

महामंत्री - तस्लीम said...

बहुत बढिया।
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तस्‍लीम
साइंस ब्‍लॉगर्स असोसिएशन

 

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