Monday, April 6, 2009

एक कहावत

जो करे शर्म ,ओकरा फूटे करम

यानि जो व्यक्ति शर्मा -शर्मा कर रह जाता है वो जीवन में कुछ नही कर पता है। यानि शर्म- शर्म में किस्मत फूट जाती है.

4 विचार आए:

अनिल कान्त : said...

जिसने की शर्म उसके फूटे कर्म ....ऐसा मैंने भी सुना था

Science Bloggers Association said...

इसे यूं भी कहा गया है, जिसने की शरम, उसके फूटे करम।

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तस्‍लीम
साइंस ब्‍लॉगर्स असोसिएशन

सतीश चंद्र सत्यार्थी said...

इसमें आधा देवनागरी और आधा रोमन में क्यों?
वैसे कहावत अच्छी है

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

वर्तमान परिवेश में यह कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है.......

 

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