Thursday, December 11, 2008

कानी बिनल रहलो न जाए

"कानी बिनल रहलो न जाए , कानी बिनल नैनों जुडाये।"
बिहार की ये कहावत मैंने मेरी माँ से बचपन में सुनी थी। माँ ने बताया था कि एक आदमी था जिसकी बीवी कानी थी । वो उसे पसंद नही करता था , एक दिन उसने अपनी माँ को कहा की कानी को उसके मायके भेज दो.माँ ने बेटे की बात मान ली और बहु को मायके भेज दिया.कुछ दिन बाद बेटे ने माँ से कहा - माँ मेरा मन नही लग रहा , तुम कानी को वापस बुला लो। तब माँ ने कहा -तुम उसके साथ रह भी नही सकते , उसके बगैर भी नही रह सकते.

1 विचार आए:

रंजना [रंजू भाटिया] said...

मैंने यह पहली बार सुनी ..बात तो सही कही है माँ ने बेटे को

 

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