Wednesday, August 5, 2009

एक बंगला कहावत

धर्मे कोल , बतासे नोडे

धर्मं का चक्का या मशीन हवा यानि कि प्रकृति के नियम से चलता है ।

कोल - मशीन , बतासे - हवा , नोडे - चलना

5 विचार आए:

चंदन कुमार झा said...
This comment has been removed by the author.
चंदन कुमार झा said...

अच्छी कहावत. आभार.

गुलमोहर का फूल

सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi said...

ज्ञानवर्द्धक कहावत...

इस बार पूर्णतया आंचलिक है। इसे विस्‍तार से भी लिखा जा सकता था।

Science Bloggers Association said...

अच्छा लगा जानकर.
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

Abhishek Mishra said...

Kya baat hai1

 

मेरे अंचल की कहावतें © 2010

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