शुक्रवार, १० जुलाई २००९

एक कहावत

अन्धो मे , काना राजा


यानि अगर किसी जगह कम पढ़े लिखे या कम हुनरमंद लोग हो वहा कोई जरा ज्यादा पड़- लिख गया हो या थोड़ा ज्यादा हुनरमंद हो तो वो अपनी ही बघारता रहता है। लोग उसी को चुनते है , पूजते है । जैसे इस इलेक्शन मे यूपीऐ अन्धो मे काना राजा बन गई ।

6 विचार आए:

आशुतोष दुबे "सादिक" ने कहा…

आपने सही बात कही है.

हिन्दीकुंज

mehek ने कहा…

sahi kahawat sahi udhaharanke saath.

सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi ने कहा…

... होता ही है

राज भाटिय़ा ने कहा…

सही लिखा आप ने

Abhishek Mishra ने कहा…

Are- Are ! Kahawat to sahi chuni aaapne magar 'aankh vale andhon' ko andhe nahin kahna chahiye tha. Kisi naye shabd ki khoj karein.

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…

बिल्कुल सही कहावत....वैसे इस प्रकार के काने राजा तो यहाँ चिट्ठाजगत में भी बहुत सारे मिल जाएंगे:)