अजगर करे ना चाकरी पंछी करे ना काम ,
दास मलूका कह गए सब के दाता राम ..
तात्पर्य - अजगर किसी की नौकरी नहीं करता और पक्षी भी कोई काम नहीं करते भगवान सबका पालन हार है इसलिए कोई काम मात करो भगवान स्वयं ही देगा आलसी लोगों के लिए मलूक दास जी की ये पंक्तियाँ रामबाण है !
Tuesday, March 9, 2010
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5 विचार आए:
अरे भईया उस भगवान ने दिमाग किस लिये दिया है? मुझे लगता है यह मुहावरा सिर्फ़ निक्कमे लोगो के लिये ही बना है, इसी लिये भारत मै ८०% लोग इस मुहावरे के हिसाब से ही करते है
मै तो हंस हंस के लोट पोट हो रहा हुं जी.
धन्यवाद
प्रत्येक पुरानी कहावतों का कुछ अच्छा अर्थ तो अवश्य है !!
thanks for comments . SURYAVEDI.
BINA KARE KISI KA PATE NAHI BHARTA KHANE ME BHI MEHNAT KARNI PADTI HAI
LEKIN YE BAAT BHI PATHTHAR KI LAKIR HAI KI SABKE DATA RAM HAI
SABKI APNI APNI SOCH HAI
aisi saari kahawtein hamare desh mein hi fit hoti hain dushre deshon mein nahi
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