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फूहर का कमाल

फूहर चाले,

सब घर हाले

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फूहर = फूहड़ (इसका तात्पर्य यहाँ ऐसे व्यक्ति से है जो बिना सोचे समझे काम करता है)

चाले = चलना

हाले = हिलना

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अर्थात ऐसे व्यक्ति के कारनामों से पूरा घर परेशां होता है जो बिना सोचे समझे काम करता है। इन कामों में बुरे काम भी शामिल किए जा सकते हैं।

Comments

Udan Tashtari said…
बहुत दिनों बाद सुनने में आई यह कहावत. आभार.

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