Thursday, June 19, 2008

वाह रे म्‍हारा घर रा धणी

वाह रे म्‍हारा घर रा धणी
मारी थोड़ी घीसी घणी


म्‍हारा: मेरे
धणी: मालिक
घीसी: घसीटा
घणी: ज्‍यादा

यहां पत्‍नी अपने पति पर व्‍यंग करती है कि जिस बात पर लड़ाई हुई है उसके लिए मुझे मारा तो कम लेकिन बाजार में ले जाकर घसीटा अधिक। यानि चोट कम की और मानहानि अधिक। ऐसा उलाहना आमतौर पर छोटी सी बात का बतंगड़ बनाने वाले व्‍यक्ति को दिया जाता है।

1 विचार आए:

अनुनाद सिंह said...

आपका प्रयास बहुत सराहनीय है। लोकोक्तियों में मानवीय अनुभव न्हरा पड़ा है। इन कहावतों के गागर में सागर भरा होता है।

 

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