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ओछे की प्रीत, बालू की भीत

ओछे की प्रीत,

बालू की भीत


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ओछे - गिरा हुआ
भीत - दीवार

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भावार्थ - इसका अर्थ इस रूप में लगाया जा सकता है कि जैसे बालू की दीवार मजबूत नहीं होती, कभी भी गिर सकती है उसी तरह किसी भी रूप से गिरे हुए व्यक्ति की दोस्ती भी अधिक दिनों तक नहीं चलती है
व्यक्ति चरित्र, जुबान, विश्वास आदि किसी से भी गिरा हुआ हो सकता है

Comments

ऒछे का मतलब वेबकुफ़ होता है बाकी आप की कहावत बहुत सुंदर है धन्यवाद
ऒछे के कई मतलब होते है, जेसे फ़ुकरा, जो अपनी ऒकातसे बढ कर बात करे,
राज जी आप हमसे समझदार हैं, हो सकता है कि ओछे का अर्थ बेवकूफ (भी) होता हो. वैसे आप देखिये कहते हैं कि आजकल कितनी ओछी राजनीति होने लगी है. यहाँ ओछी को बेवकूफ कहेंगे?
इसी तरह कह देते हैं कि ओछी हरकतें न किया करो, ओछेपन की हद कर दी, ओछी बात कर दी आदि-आदि. यहाँ भी ओछे को शायद बेवकूफ नहीं कहेंगे?
वैसे टिप्पणी करने के लिए आभार
यह अच्‍छी और ज्ञानवर्द्धक कहावत है। हमारे बीकानेर में भी कही जाती है बस तर्ज बीकानेरी रहती है।

यानि ओछे री प्रीत
अर बाळू री भीत
imnindian said…
asal me aaj ke jamane me hum achcho ko achcho kahane ki himmat hi kho chuke hai..yahi modern jamana ya democracy hai ya kahe bhavanao ko chot nahi pahuchana.
par jo bhi ho aap ki kahawat ek badi vyavahrik shikh deti hai.
namaskar
imnindian said…
achcho ko kripaya ocha pade.. aap
AKASH THE GREAT said…
EKDAM SAHI HAI AUR SUCH HAI OCHCHE DOST TO OCHCHE HAI YA YE SAMJHO KI TALMAIL KAB TAK BITHAOGE

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