Tuesday, October 27, 2009

सो वो कानईं मे मूत्हे

लला को सिर पै बैठाहो,
सो वो कानईं में मूतहै।

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कानईं - कान में
बैठाहो - बैठाओगे
मूतहै - पेशाब करना
लला - लड़कों को देशज भाषा में बुलाने का शब्द
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भावार्थ - इसे कहावत के स्थान पर लोकोक्ति कहना ज्यादा उचित है। यह बुन्देलखण्ड में बहुत ही ज्यादा प्रचलन में है। इसका अर्थ यह लगाया जाता है कि किसी भी व्यक्ति या बच्चे को अधिक लाड-प्यार दीजिए तो वह बिगड़ैल होकर परेशान करने वालीं हरकतें करने लगता है।

3 विचार आए:

Nirmla Kapila said...

बहुत सुब्दर कहावत है। धन्यवाद्

सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi said...

उत्‍तम वचन पूर्णत: सहमत, कुमारेन्‍द्र जी से आग्रह है कि ऐसी कहावतें नियमित रूप से दें तो अच्‍छा ज्ञानवर्द्धन होगा।

राज भाटिय़ा said...

आप की कहावत से सहमत है बच्चे को बिगाडना हो तो खुब प्यार करो उस का जीवन बेकार हो जायेगा..

 

मेरे अंचल की कहावतें © 2010

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