लला को सिर पै बैठाहो, सो वो कानईं में मूतहै। ------------- कानईं - कान में बैठाहो - बैठाओगे मूतहै - पेशाब करना लला - लड़कों को देशज भाषा में बुलाने का शब्द ------------------ भावार्थ - इसे कहावत के स्थान पर लोकोक्ति कहना ज्यादा उचित है। यह बुन्देलखण्ड में बहुत ही ज्यादा प्रचलन में है। इसका अर्थ यह लगाया जाता है कि किसी भी व्यक्ति या बच्चे को अधिक लाड-प्यार दीजिए तो वह बिगड़ैल होकर परेशान करने वालीं हरकतें करने लगता है।