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माई गुन बछरू, पिता गुन घोड़...

माई गुन बछरू, पिता गुन घोड़
नाही ज्यादा त थोड़े-थोड
अर्थात माँ बाप के गुण अपने बच्चो में आते ही हैं यदि बहुत ज्यादा नहीं तो थोड़े ही....

Comments

सही कहा! यही कहावत हिन्दी में कुछ इस तरह से भी है कि " मां पर धी(बेटी),पिता पर घोडा.. बहुत नहीं तो थोडा-थोडा."
बहुत सुंदर डीके शर्माजी ने कहावत को और भी स्‍पष्‍ट कर दिया।


आभार।
कहावत तो यहां तक है कि ... जैसी मैया वैसी धीया ... पोछ पाछ नतिनियों को दिया .... मतलब कि मां के बाद उसके बच्‍चों में भी मां के गुण आते हैं।
एक कहावत ऐसी भी है "बापे पूत परापत घोडा ना कुछो त थोडम थोडा"
उपरोक्त कहावत के अतिरिक्त माँ एक और कहावत कहा करती थी (जोकि शर्मा जी की कहावत से मिलती जुलती हैं)

जैसन काकर वैसन बिया। जैसन माई वैसन धिया ॥
amit said…
Aakhir Kyon ऊंदरे रा जाम्‍या बिल ही खोदसी
Pauranik KathayenTHANKS FOR ARTICALS
amit said…
Aakhir Kyon माई गुन बछरू, पिता गुन घोड़
Pauranik KathayenTHANKS FOR ARTICALS