नर्मदांचल हरदा,टिमरनी, क्षेत्र में मुझे जो लोकोक्ति सबसे पसंद आई :"बोर पकी रीछडी का डोला आया" बोर:बेर, रीछडी: मादा-रीछ, डोला:आँखें जब बेर पकी तो मादारीछ आंखों मे कन्जक्टिवाईटिस हुआ यानी सही अवसर को खो देना बुन्देली :"मरी जान मल्हारी गावे" मरी-जान: कमजोर शरीर वाला,/वाली, मल्हारी:-राग मल्हार शख्शियत के अनुकूल काम न करना,इसे यह भी कहा जा सकता है सीमोल्घंन करना
याद है नानी-दादी की कहावतें