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बुड़बक के इयारी आ भादो के उजियारी

बुड़बक के इयारी आ भादो के उजियारी बुडबक = मूर्ख, बेवकूफ; इयारी = दोस्ती, मित्रता; उजियारी = चांदनी मतलब यह की भादों महीने की चांदनी और मूर्ख की मित्रता का कोई भरोसा नहीं करना चाहिए क्योंकि ये कभी भी साथ छोड़ सकती हैं। भादों के बरसाती मौसम में कम काले बादल चाँद को ढँक लें और अँधेरा छा जाए, कोई ठिकाना नहीं। इसी प्रकार मूर्ख और धूर्त मित्र भी कब साथ छोड़ जाए इसका कोई भरोसा नहीं। सतीश चंद्र सत्यार्थी