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bihari और बंगाली कहावत

bihari कहावत - " कम्बल ओढ़ कर घी पिए है "
बंगला कहावत -" डूबे- डूबे जोल khawa "
दोनों कहावतो का मर्म एक ही है कि छुप छुप कर अपना काम करना ya maje lena bina kuch logo ko pata lage.
jol kawa - pani pina

Comments

बढ़िया है यह :)
आज के जमाने को कोन घी को पचा पायेगा?.
बहुत सुंदर कहावत, हम ने पहली बार सुणी.
धन्यवाद
Aapne to aaj bataya, hamare netagan to arse se ispar amal karte a rahe hain. Acchi prastuti, Badhai.
डूबे डूबे पानी पीना का तो आराम से इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है। आपने तो इस बार बंगाली और बिहारी कहावतों को एक साथ दे दिया। सुंदर

आभार